इतिहास
इतिहास
पेटूनिया के फूलों का इतिहास आक्रोश, क्रोध का प्रतीक रहा है, तथा इन्हें प्रेम न मिलने के प्रतीक के रूप में भी इस्तेमाल किया जाता रहा है।
रजनीगंधा के फूलों का इतिहास कामुकता, निषिद्ध सुख और विलासिता का प्रतीक रहा है, तथा इनका प्रयोग अक्सर इत्र और दुल्हन के गुलदस्ते में किया जाता है।
मूल
अफ्रीका, एशिया, यूरोप, उत्तरी अमेरिका
मेक्सिको
रोचक तथ्य
- गुलाब विभिन्न रंगों में आता है, हालांकि एक काला गुलाब सचमुच काला नही होता लेकिन एक गहरे लाल रंग का होता है।
- एक गुलाब अत्यंत भक्ति, जबकि दो एक साथ जुड़े हुए गुलाब "मुझसे शादी कर लो" की भावना को दर्शाता है
- रजनीगंधा फूल रात में ही खिलता है और केवल इस समय यह सक्रिय होता है।
- इस वजह से ये "रात की मालकिन", या "रात की रानी" नाम से भी हिन्दी में जाना जाता है|
जीवनकाल
वार्षिक - जीवन का पूरा चक्र एक मौसम में पूरा करना
सदाबहार - एक संयंत्र है कि तीन या अधिक वर्षों के लिए रहता है
आदत
झाड़ियों
झाड़ियों
फूल का अर्थ
आक्रोश और क्रोध
कामुकता और निषिद्ध सुख
ज्योतिषीय फूल
गहरे नीले रंग
गुलाब
जन्म माह फूल
जनवरी
अगस्त
फूलों की उपलब्धता
वर्ष के दौरान
वर्ष के दौरान