इतिहास
इतिहास
रजनीगंधा के फूलों का इतिहास कामुकता, निषिद्ध सुख और विलासिता का प्रतीक रहा है, तथा इनका प्रयोग अक्सर इत्र और दुल्हन के गुलदस्ते में किया जाता है।
विभिन्न संस्कृतियों में लिली के फूलों का प्रतीकवाद का एक लंबा इतिहास रहा है, जो शुद्धता, नवीनीकरण और भक्ति का प्रतिनिधित्व करते हैं, तथा अक्सर धार्मिक समारोहों और विशेष अवसरों पर इनका प्रयोग किया जाता है।
मूल
मेक्सिको
एशिया, यूरोप, उत्तरी अमेरिका, उत्तरी गोलार्द्ध
रोचक तथ्य
- रजनीगंधा फूल रात में ही खिलता है और केवल इस समय यह सक्रिय होता है।
- इस वजह से ये "रात की मालकिन", या "रात की रानी" नाम से भी हिन्दी में जाना जाता है|
- चीनी संस्कृति में यह प्यार में हमेशा र्रहने के लिए का प्रतीक है।
- लिली की पोलन बिल्लियों के लिए जहरीला हो सकता है।
जीवनकाल
सदाबहार - एक संयंत्र है कि तीन या अधिक वर्षों के लिए रहता है
सदाबहार - एक संयंत्र है कि तीन या अधिक वर्षों के लिए रहता है
आदत
झाड़ियों
झाड़ियों
फूल का अर्थ
कामुकता और निषिद्ध सुख
पवित्रता, परिष्कृत सौंदर्य और पोषण
ज्योतिषीय फूल
गुलाब
शरारती
जन्म माह फूल
अगस्त
मई
फूलों की उपलब्धता
वर्ष के दौरान
वर्ष के दौरान